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Tuesday, 14 May 2019

बसई दारापुर की कहानी

                हर हर महादेव
                नरसिंह उवाच
           बसई दारापुर की कहानी
अपने पूर्वजों के पाप की सजा अब हर बेटी को चुकानी पड़ेगी।12 मई जब पूरी दिल्ली के हिन्दू राष्ट्रवाद को समर्पित थे,तब दिल्ली के बसई दारापुर गाँव में एक बाप अपनी बेटी को अस्पताल से घर ला रहा था।घर के पास कुछ मुसलमान शिकारी जिनकी किताब ने उन्हें समझा रखा है की काफिर की बेटी तो उनके लिये माले गनीमत है,उन्होंने अपने माल अर्थात काफिर की बेटी को छेड़ दिया।उस अभागी काफिर लड़की का अभागा बाप राजू त्यागी ये जानता ही नहीँ था की जिन्हें वो अपना किरायेदार मानता है,वो कुरआन के मुताबिक किरायेदार नहीँ बल्कि पूरी धरती के मालिक हैं।
2 किरायेदारों जहांगीर खान और मोहम्मद आलम और उनके साथियों ने इलाके के रसूखदार जमीदारो की नाक के नीचे उन्ही के खानदान के राजू त्यागी को चाकू से गोद कर मार डाला।
और उनका पुत्र भी चाकू की मार से घायल गम्भीर अवस्था मे जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है।
ज्ञात रहे घटना दिल्ली के बसई दारा पुर गांव की है जो कि त्यागियों की एकता और बल का गढ़ माना जाता है।
पर उनके गढ़ में सेंध लग चुकी है।
आज राजू त्यागी जी की आत्मा स्वर्ग में अपने पूर्वजों को जा कर अवश्य बताएगी की जो बीज तुम बो आये थे उसका पेड़ बन चुका और हमको फल भी मिलने लगे।
इलाके के बुजुर्ग लोग हैरानी व्यक्त कर रहे थे।
भाई पिछले 40 से में ऐसा पहली बार हुआ है।
पर सच्चाई ये है कि पहली बार हुआ है आखिरी बार नहीं।
बिगुल बज चुका।
तुम भले युद्ध मे इंट्रेस्ड न हो पर युद्ध तो आपकी और बढ़ रहा है।
और हाँ जाते जाते एक बात और जिस गांव में जमीन बाहर के व्यक्ति को जल्दी से बेचने की परंपरा तक नहीं होती वहां मस्जिद के लिए जमीन देने वाला कैसे और किन स्तिथियों में मिल जाता है इसपे मंथन होना चाहिए।
और
दिल्ली के अन्य गांवों को इससे कुछ सबक लेना चाहिए।
बसई वालो ने मादी पुर वालो से सबक लिया होता तो आज ये स्तिथि न होती।
अब आपके गांव की बारी है।
हर हर महादेव जी
14 मई 2019

Saturday, 11 May 2019

माँ बगलामुखी जयंती की लाख लाख शुभकामनाये

                     हर हर महादेव


                 नरसिंह उवाच 
आज विजय और सद्बुद्धि की देवी माँ बगलामुखी की जयंती है।माँ बगलामुखी की जयंती प्रत्येक वर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है।माँ बगलामुखी योद्धाओं की माँ हैं।आज तक सनातन धर्म में जितने भी महान योद्धा हुए हैं वो माँ महाकाली या माँ बगलामुखी के ही उपासक रहे हैं।वस्तुतः माँ महाकाली और माँ बगलामुखी एक ही शक्ति के दो स्वरूप हैं।माँ के अन्य अनेक स्वरूप भी हैं।परन्तु अपने शत्रुओं पर विजय की इच्छा रखने वाले कर्मशील धर्मप्रेमी गण सदैव माँ महाकाली या माँ बगलामुखी की शरण लेते हैं और माँ की कृपा से शत्रुओं का विनाश करते हैं।माँ बगलामुखी की पूजा उपासना करने वाले को कभी भी शक्ति,वैभव,धन,यश और संतान की कमी नहीँ होती और माँ बगलामुखी का भक्त कभी भी श्रीविहीन नही हो सकता।माँ बगलामुखी को माँ पीताम्बरा भी कहते हैं।मानव रूप में इस पृथ्वी पर भगवान परशुराम ने सर्वप्रथम माँ पीताम्बरा बगलामुखी की पूजा और वो माँ और महादेव की कृपा से अजेय और चिरंजीवी बने।उन्होंने ही अपने शिष्यों के माध्यम से माँ बगलामुखी को विश्व में पूजित करवाया और उन्होंने ही रावण वध के लिये भगवान श्रीराम को माँ पीताम्बरा बगलामुखी की शरण में जाने का परामर्श दिया और विधि समझाई।जब तक सनातन धर्मी माँ और महादेव की पूजा करते रहे, और अन्धविश्वास को अपना कर नए नए देवी देवता गढ़ लिये और माँ और महादेव की उपेक्षा कर दी तो माँ और महादेव ने भी उन्हें त्याग दिया और संपूवो विश्व में अजेय और सर्वशक्तिमान बने रहे और जब उन्होंने पाखण्ड र्ण सनातन धर्म दुर्गति को प्राप्त हो गया। पर अभी बहुत देर नहीँ हुई है।माँ और महादेव हमारे माता पिता हैं।जिस दिन हम अपनी गलतियों को स्वीकार करके उनकी शरण के चले जॉएगे,उसी दिन से हम फिर अजेय हो जाएंगे।
अतः एक सन्यासी होने के नाते से मैं यति नरसिंहानन्द सरस्वती आप सभी से अनुरोध करता हूँ की आइये हम सब मिलकर सनातन धर्म की ओर लौट चले।
आइये हम सब मिलकर अपने माँ और महादेव की शरण में चलें।
माँ हम सबको सद्बुद्धि और पुरुषार्थ दें और महादेव हमारे वंश की रक्षा करें।
आप सभी को माँ बगलामुखी जयंती की लाख लाख शुभकामनाये ।

- यति नरसिंहानन्द सरस्वती,
      12 मई 2019

Thursday, 9 May 2019

"जीवित हिन्दुओ से एक प्रश्न"


                   हर हर महादेव 

               नरसिंह वाणी 

    "जीवित हिन्दुओ से एक प्रश्न"
मैं यति नरसिंहानन्द सरस्वती रोज सोशल मीडिया पर कभी केरल और कभी बंगाल और कभी दिल्ली में हिन्दुओ पर हो रहे अत्याचारों पर बड़ी बड़ी पोस्ट दिखाई देती हैं और ये अच्छी बात है।हमे आवाज उठानी ही चाहिये अपने भाई और बहनों के लिये।हममें से बहुत कम लोग केरल या पश्चिमी बंगाल जा पाते हैं परंतु फिर भी उनके लिये आवाज उठाते हैं, ये वास्तव में बहुत बड़ी बात है।
कल मैं उज्जैन में था । उज्जैन महाकाल मंदिर सनातन धर्म की अमूल्य धरोहर है।शायद ही कोई सनातन धर्मी हो जो महाकाल के दर्शन करने ना गया हो और जो अभी तक कर नहीँ पाया,वो भी जरूर करना चाहता है।कल 8 मई को मुझे भी महाकाल के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।मैं वहाँ जाकर एक तरह से पागल सा हो गया।पूरा महाकाल मंदिर मुस्लिम आबादी से घिर चूका है।पत्रकारों ने मुझे बताया की अब हर वर्ष वहाँ कांवड़ लाने वालो पर हमला किया जाता है। 15 साल वहाँ हिंदूवादियों की सरकार थी और अब वहाँ घोर मुस्लिम समर्थक सरकार है।किसी हिन्दू धर्मगुरु ने,किसी संत ने,किसी हिन्दू संगठन ने कहीँ कोई विरोध नहीँ किया। हिंदूवाद का अर्थ इस इस या उस पार्टी के हित में काम करना ही हो चूका है।हम अपने अस्तित्व को खोने के कगार पर आ चुके हैं क्योंकि हमें अपने बच्चों और अपने धर्म से नहीँ बल्कि नेताओ की दलाली से प्रेम है।अब परमात्मा हमारी रक्षा क्यों करेंगे?


Sunday, 28 April 2019

नरसिंह वाणी "सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता

     
!! हर हर महादेव  !!

  नरसिंह वाणी "सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता "


इनाम रुपये 1 लाख तक...

Sponsored BY Narsingh Vani


आज्ञा से...  - यति नरसिंहानन्द सरस्वती
 शिवशक्ति धाम डासना जिला गाज़ियाबाद की तरफ से सभी सनातन धर्म के मानने वालों के लिये सामान्य ज्ञान की एक प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।इसके लिये सभी प्रतियोगियों को नीचे दी हुई कहानी को ध्यान से पढ़ना है और इस कहानी के बाद पूछे गए कुछ प्रश्नों के उत्तर YouTube चैनल "Narsingh vani" और "नरसिंह वाणी'' Facebook Page पर इस कहानी के कमेंट बॉक्स में देने हैं । यह प्रतियोगिता आज 28 / 04 / 2019 से ही आरम्भ है । सही जवाब देने वाले प्रथम सौ विजेताओं का शिवशक्ति धाम डासना में भव्य अभिनन्दन किया जायेगा और उन्हें पुरुस्कार स्वरुप एक हजार रुपया और प्रामाणिक सनातन धर्म ग्रन्थों का एक सेट प्रदान किया जायेगा । सभी सनातन धर्म के मानने वालों से अनुरोध है की इस प्रतियोगिता में अवश्य भाग लें व अपने उत्तर के साथ अपना मोबाइल नं - [ +91- ■■■  ] व पता भी भेजें ....

                              कहानी

एक ज्ञानी,परोपकारी,मानवता प्रेमी और पुरुषार्थी जनसमुदाय ने धर्म के शाश्वत सिद्धान्त तय किये औऱ सारे विश्व में अपने पराक्रम औऱ पुरुषार्थ से विश्वगुरु के रूप ने विज्ञान, ज्ञान और धर्म का प्रचार प्रसार किया । उन्होंने अपने वंशजो के लिये अभूतपूर्व गौरवशाली विरासत छोड़ी।परन्तु उनके ये वंशज अपने पूर्वजों जितने पराक्रमी और पुरुषार्थी नहीँ निकले और यह जनसमुदाय धीरे धीरे अपने गौरव को खोने लगा।एक समय ऐसा आया की कातिलों की एक फ़ौज ने जनसमुदाय के करोड़ो लोगो का कत्ल कर दिया और जनसमुदाय से उसकी धरती का बहुत बड़ा भाग छीन लिया। यह जनसमुदाय ने अपना सारा प्रभुत्व खोकर एक छोटे से किले में सिमट गया।कातिलों की फ़ौज ने उस किले को चारों तरफ से घेर लिया है।किले के सबसे पहले रक्षक जिन्हें कातिलों से लड़ने के लिये नियुक्त किया गया था वो कातिलों की फ़ौज से मिल गए है और उन्होंने सद्भावना और मानवता के नाम पर कातिलों को बड़ी संख्या में किले में बसा लिया है।अब किले के अंदर बसे हुए कातिल सब काम छोड़कर रात दिन ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर लगे हुए हैं ताकी किले पर अंदर से ही कब्जा करके जनसमुदाय को समाप्त कर दें।कातिलों ने जनसमुदाय के विभिन्न जातियों के प्रभावशाली लोगो में अपने बहुत से मित्र बना लिये हैं जो अपने व्यक्तिगत स्वार्थो के लिये कातिलों को शांतिप्रिय और मानवतावादी घोषित करके उन्हें जनसमुदाय को समाप्त करने में पूरा सहयोग दे रहे हैं लेकिन जनसमुदाय में अभी भी इतनी शक्ति है की वो अगर लड़ने को तैयार हो जाये तो कातिलों की फ़ौज सहित सारे गद्दारो को धूल धूसरित कर सकते हैं।किले में अभी अनन्त काल तक चलने लायक रसद और अन्य सामग्री है।किले में रहने वाले जनसमुदाय ने एक व्यक्ति पर भरोसा करके उसे प्रधानसेवक बना कर किले की सारी व्यवस्था की जिम्मेदारी दे दी है।प्रधानसेवक को यह जिम्मेदारी जनसमुदाय की रक्षा के लिये बने स्वयंसेवी संगठन और जनसमुदायों के धर्म के आचार्यो के कहने पर दी गयी है।इन सबने जनसमुदाय को यह विश्वास दिलाया है की वो सभी गद्दारो सहित कातिलों की फ़ौज को नष्ट करके जनसमुदाय को उसका प्राचीन गौरव वापस दिलाएंगे।अब समुदाय के धर्माचार्य और धर्मगुरु समुदाय को भरोसा दिला रहे हैं की समुदाय को अपनी पूरी ताकत भगवान का स्मरण,भजन, कीर्तन,रास रंग और मंदिर निर्माण में लगा देनी चाहिये।धर्माचार्य बता रहे हैं की जनसमुदाय को निश्चिन्त होकर भक्ति और प्रेम में सराबोर रहना चाहिये क्योंकि भगवान भगवान भक्ति और प्रेम में ही है और सदैव अपने भक्तों की रक्षा करता है।जनसमुदाय की रक्षा के लिये बने स्वयंसेवी संगठन ने किले के अंदर रहने वाले कातिलों को प्रेम और अहिंसा सिखाने के लिये प्रचारकों की एक फ़ौज तैयार कर ली है जो प्रचुर मात्रा में धन,साधन और जनसमुदाय की महिलाएं कातिलों को देकर उन्हें अपना दामाद बना रहे हैं और जनसमुदाय को भरोसा दिला रहे हैं की कातिलों के साथ जनसमुदाय पूरी तरह से सुरक्षित है।यदि कातिल नहीँ रहेंगे तो जनसमुदाय का अस्तित्व नहीँ रहेगा।प्रधानसेवक जो स्वयं भी इस महान संगठन का प्रचारक है,वो भी हर तरह से जनसमुदाय के साधनों को छीनकर कातिलों के लिये पक्के मकान बनवा रहा है,कातिलों को पढ़ने और काम करने के लिये बड़ी मात्रा में धन और साधन उपलब्ध करवा रहा है।कातिलों के धर्मगुरूओ ने प्रधानसेवक को समझाया है की कातिलों की गरीबी के कारण ही किले का ठीक से विकास नहीँ हो पा रहा है।उनकी बात मानकर प्रधानसेवक ने अपने संगठन की नीतियों का पालन करते हुए बडी मात्रा में कातिलों को फ़ौज,पुलिस और प्रशासनिक पदों पर भर्ती कर रहा है।जनसमुदाय के ज्यादातर लोग प्रधानसेवक की नीतियों से खुश हैं और उन्हें पूरा विश्वास है की प्रधानसेवक और उनकी रक्षा के लिये बना हुआ संगठन जनसमुदाय को उसका प्राचीन गौरव वापस दिलाकर बहुत जल्दी विश्वगुरु बना देगा। जनसमुदाय के धर्मगुरु और साधारण व्यक्ति अपने प्रधानसेवक से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
लेकिन इसी किले में एक नकली धर्मगुरु टाइप का आदमी रहता है जो झगड़ालू, चिड़चिड़ा और घिनौना है।कुछ मुर्ख और अज्ञानी किस्म के लोग जो संख्या में बहुत थोड़े हैं, इस व्यक्ति को अपना गुरु भी मानते है।ये लोग इस व्यक्ति के लिये सदैव मरने मारने पर उतारू रहते हैं।जनसमुदाय के अधिकतर लोग इस व्यक्ति को जिद्दी,अहंकारी,झगड़ालू,दुष्ट और अज्ञानी मानते हैं।पहल यह व्यक्ति जनसमुदाय की रक्षा के लिये के लिये बने स्वयमसेवी संगठन का ही था और प्रधानसेवक को उसके पद तक पहुँचाने में बहुत बड़ा सहायक रहा था।इस व्यक्ति का मानना था की जनसमुदाय को सबसे बड़ा खतरा किले के अंदर बढ़ रही कातिलों की तादात से हैं। अगर कातिल इसी तरह बढ़ते रहे तो एक दिन वो किले पर कब्जा कर लेंगे और जनसमुदाय खत्म हो जायेगा इसीलिये किले के अंदर ऐसा कानून बनाना चाहिये की कातिलों की आबादी नियंत्रित की जा सके।स्वयमसेवी संगठन के सबसे बड़े नेता ने इस व्यक्ति से वादा किया था की यदि प्रधानसेवक को जिम्मेदारी मिली तो सबसे पहला काम यही कानून बनाना ही होगा।इस व्यक्ति ने उनकी बात पर विश्वास करते हुए अपनी पूरी ताकत उनके साथ लगा दी।तब तक तो यह व्यक्ति सही था और लोकप्रिय भी था।इस व्यक्ति ने प्रधानसेवक से पहले किले के सत्ताधीशों से लड़ते हुए 31 बार जेल काटी और सौ से ज्यादा रात हवालात में बिताई। परंतु मूल रूप से यह व्यक्ति विघ्नसंतोषी था।प्रधानसेवक के जिम्मेदारी सँभालते ही इसने संगठन पर दबाब बनाना शुरू कर दिया और जगह जगह जाकर धरना संसद करके धर्मगुरूओ को बरगलाना शुरू कर दिया की प्रधानसेवक ने अगर यह कानून नहीँ बनाया तो बहुत जल्दी जनसमुदाय का अस्तित्व मिट जाएगा।टीवी की हजारो डिबेट में,जगह जगह सभा करके,पदयात्रा करके यह व्यक्ति यही चिल्लाने लगा।इसके जोर जोर से चिल्लाने पर बहुत से लोगो ने इसकी बात को सच समझ लिया और वो भी यही मांग करने लगे।उसका चिल्लाना कातिलों को और जनसमुदाय की रक्षा करने वाले स्वयमसेवी संगठनों को और जनसमुदाय के धर्मगुरूओ को अखरने लगा।उन्होंने एक बहुत बड़ा प्रचार तंत्र इस पाखण्डी को फ़साने और बदनाम करने के लिये लगा दिया। और तो और इस व्यक्ति ने कातिलों के धर्मग्रन्थ को पढ़कर और कातिलों के इतिहास को समझकर जनसमुदाय से यह भी कहना शुरू कर दिया की यह कभी भी जनसमुदाय को जीवित नहीँ छोड़ेंगे।उसके इस अनर्गल प्रलाप को सुनकर जनसमुदाय का रक्षक संगठन और प्रधानसेवक के अनुयायी तिलमिला गये और उन्होंने इस व्यक्ति को विक्षिप्त और गद्दार घोषित कर दिया।परन्तु यह व्यक्ति इतने पर ही नहीँ रुका। इसने जनसमुदाय की धार्मिक मान्यताओं पर भी कुठाराघात करते हुए धर्म की अलग व्याख्या करनी आरम्भ कर दी।इसने कहा की भगवान धर्म के लिये लड़ने और मर मिटने वालो की रक्षा करते हैं न की धर्म के नाम पर रोने वालो की,गाने वालो की और रास रचाने वालो की।इसने कहा कि जनसमुदाय के पूर्वज अपने पराक्रम और पुरुषार्थ के कारण विश्वगुरु बने ना की ढोंग और अहिंसा के कारण।इस हिंसक व्यक्ति का कहना है की जनसमुदाय गाँधी की नीतियों पर चलकर नहीं बल्कि श्रीराम,कृष्ण और परशुराम की शत्रुहन्ता नीतियों पर चलकर ही महान और विश्वगुरु बन सकता है।इस व्यक्ति ने प्रधानसेवक और महान संगठन की नीतियों पर प्रश्नचिन्ह लगाने का कार्य करते हुए किले की शांति को अभूतपूर्व हानि पहुँचाई।कातिलों को इस व्यक्ति से बहुत घृणा है और वो किसी भी कीमत पर इसको कत्ल करना चाहते हैं।जनसमुदाय के बहुत से धर्मगुरु भी इस व्यक्ति को धर्म के लिये खतरा मानते हैं।प्रधानसेवक के समर्थकों ने इसको जनसमुदाय से अलग थलग करने का पूरा अभियान चला रखा है।परंतु यह व्यक्ति किसी भी बात से विचलित न होकर किले में अशांति फैला रहा है।


अब आपके प्रश्न शुरू होते है :-

1.इस कथा में किस जनसमुदाय की बात हो रही है ?

2.इस कथा में जो किला है,उसका वास्तविक नाम क्या है ?

3.इस कथा में किन कातिलों की बात हो रही है ?

4.वो लोग वास्तव में कौन हैं जिन्होंने कातिलों को किले में जगह दी ?

5.वो लोग वास्तव में कौन हैं जो अपनी अपनी जातियो के नेता बन कर कातिलों से मिल गए ?

6.इस कथा में जिस स्वयमसेवी संगठन का जिक्र है,उसका असली नाम क्या है ?

7.प्रधानसेवक का असली नाम क्या है?8.प्रधानसेवक और संगठन कितने दिनों में जनसमुदाय को विश्वगुरु बना देंगे ?

9.प्रधानसेवक और संगठन कितनी बहन बेटियो को कातिलों को देकर उन्हें अहिंसक बना देंगे ।

10.प्रधानसेवक कितना धन,साधन,नौकरी,घर और शक्ति देकर कातिलों को अहिंसक बना देंगे ?

11.इस कहानी के खलनायक का असली नाम क्या है ?

12.यह व्यक्ति किस कारण से किले की शांति व्यवस्था को बर्बाद करने पर तुला है ?

13.किसके कहने पर यह व्यक्ति जनसमुदाय की धार्मिक मान्यताओं पर कुठाराघात कर रहा है ?

14.किले की शांति और जनसमुदाय की कातिलों से मित्रता के बीच में विघ्न डाल रहे इस व्यक्ति की आपके हिसाब से क्या सजा होनी चाहिये ?

15.आपको क्या लगता है की इस व्यक्ति का अंत कातिलों के हाथ से कत्ल होकर होना चाहिये या जेल में सड़ाकर इसे मारना चाहिये ?


....दिनाँक - 28 / April / 2019

Monday, 24 December 2018

नरसिंह संदेश

                "नरसिंह सन्देश"
🙏🏽🙏🏽🙏🏽 हर हर महादेव 🙏🏽🙏🏽🙏🏽
"हर पत्थर करता रहा,कायम निज पहचान।
धीरे धीरे हो गयी ये बस्ती बेजान।।"
रोज एक नया त्यौहार और रोज एक नया देवता,हिन्दुओ अपने मानसिक दिवालियापन से निकल कर सोचो तो सही की हम कर क्या रहे हैं?
अपने दोष दुसरो पर डाल कर,उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करके अपने अस्तित्व को खत्म करके हमे क्या मिलेगा?
हमारी पहचान सफाई और सादगी है,हम क्रिसमस का विरोध तो कर रहे हैं पर सच तो ये है की हमने दीपावली को क्रिसमस बनाने में कोई कसर नही छोड़ी है।
नकल के लिये भी अक्ल चाहिये,हमने इस बात को सच करके दिखाया है।
बात बहुत गहरी है,अगर समझने की कोशिश करोगे तो बहुत अच्छा है वरना गाली तो मैं खाता ही रहता हूँ।

..................................25 दिसम्बर 2018

Monday, 3 December 2018

बीमारी,हताशा और पराजय के साथ अपने गुरु स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती जी महाराज के आदेश और राजसभा सांसद अनिल अग्रवाल के आश्वासन के साथ शिवशक्ति धाम,डासना में खत्म हुआ यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी का अनशन

🙏🏼🙏🏼🙏🏼 हर हर महादेव 🙏🏼🙏🏼🙏🏼

बीमारी,हताशा और पराजय के साथ अपने गुरु स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती जी महाराज के आदेश और राजसभा सांसद अनिल अग्रवाल के आश्वासन के साथ शिवशक्ति धाम,डासना में खत्म हुआ यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी का अनशन
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राज्यसभा सभा श्री अनिल अग्रवाल ने आज शिवशक्ति धाम डासना में आकर हजारो युवाओं की उपस्थिति में यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज को संसद में जनसँख्या नियंत्रण कानून की मांग को पुरजोर तरीके से उठाने की शपथ ली।उनके इस आश्वासन के बाद यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
अनशन समाप्त करते ही यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने हिंदुत्व और सार्वजनिक जीवन से सन्यास लेने की शपथ ली ।
उन्होंने अपना अनशन अपने साथियों के साथ दूधेश्वरनाथ मठ में महादेव शिव की अर्चना और उनका प्रसाद ग्रहण करके किया ।
उन्होंने इस अवसर पर बताया की अब हिन्दू के अस्तित्व को बचाना बहुत मुश्किल हो गया।कठोर जनसँख्या नियंत्रण कानून अब कभी नही बनेगा।यह केवल अब राम मंदिर की तरह चुनावी मुद्दा ही रहेगा।चुनाव की राजनीति जब तक एक एक हिन्दू को लील नहीँ लेती तब तक यह बन्द नहीँ होगी।
उनके अनशन समाप्त करते समय  यति माँ चेतनानन्द सरस्वती,बाबा परमेन्द्र आर्य,मोदीनगर विधायक डॉ मंजू सिवाच,हिन्दू विचारक विनोद सर्वोदय जी,अमित जानी,हरिनारायण सारस्वत,दिनेश अग्रवाल,राजेश यादव, अनिल यादव,अक्षय त्यागी,धीरज फौजी के साथ हजारो युवा उपस्थित थे।
                                                                                2 दिसम्बर 2018

Tuesday, 20 November 2018

20 साल बाद का भारत

20 साल बाद का भारत...

( जनसँख्या नियंत्रण कानून क्यों जरूरी है ?? )

रोज की तरह आज भी लगभग सुबह पौने पाँच बजे, तेज शोर से अचानक नींद खुल गई!!.. अजान हो रही थी !!..

अब मस्जिदे बहुत ज्यादा दूरी पर नही रह गई थी। हर मोहल्ले में मिलने वाले पार्क अब मस्जिदों का रूप ले चुके है !!.. अजान ही अब अलार्म बन चुकी थी !!..

हमने नित्य कर्म किया और सुबह की सैर को चल पड़े !!..

 अब सड़के 20 साल पहले वाली सड़के नही रह गई थी, स्वच्छ !.. अब सड़को पर जगह जगह अंडों के छिलके पड़े रहना आम बात थी !.. छिलकों से बचते हुए सड़क पार करने में ही, योगा हो जाया करता था !!..
 योग सिर्फ कहावतों और कहानी किस्सों में बचा था !.. संविधान में नए कानून के तहत योग को 'हराम' घोषित किया जा चुका था !..
 योग अब बैन था !!..

हम घर पहुंचे !. बच्चे स्कूल जाने को तैयार हो चुके थे !..
 कुर्ता पजामा और जालीदार टोपी !..
अब स्कूलों की यही यूनिफॉर्म थी !!.. हम बच्चों को कुर्ता पजामा और टोपी पहनाकर स्कूल छोड़ने चले गए !!..

वापिस आये तो श्रीमती जी ने कहा, जाइये सब्जी ले आइये !..
अब सब्जियों के मार्केट काफी कम हो गए थे !..
जहां तहाँ, सिर्फ मछली,मटन,अंडों की दुकानें। बीच मे एक दो सब्जी के ठेले !!..

अब एक ही ठेले पे मछली, अंडे, सब्जी सब साथ होती थी !.
एक ही तराजू पे मछली भी तुलती थी, और सब्जी भी !!.. मन पक्का कर हम ले आये सब्जी !!..
श्रीमती जी ने खाना बनाया और हम खाकर, दफ्तर की और चल दिये !!..

अब दफ्तर वो 20 साल पहले वाले दफ्तर नही थे !!.. जब दफ्तर की शुरुआत में राष्ट्रगान होता था और समापन पर राष्ट्रीय गीत !!..
दफ्तर की शुरुआत अजान से हुई !!..
हमने अजान पढ़ी और काम मे लग गए !.. दफ्तर का समय खत्म हुआ !.. नियमानुसार नमाज हुई !...
हमने नमाज पढ़ी और घर आ गए !!..

तब तक बच्चे भी स्कूल से आ चुके थे !.. कोचिंग क्लासेस जाने की तैयारी कर रहे थे !!.. उर्दू स्पोकन क्लासेस !!..
जी अब सारे मार्केट की दुकानों के नाम और सूचना पट उर्दू में ही लिखे जाते थे !!..
 उर्दू सीखना अब जरूरी भी था और मजबूरी भी !!..

  बच्चे कोचिंग चले गए !.. हम श्रीमती जी के साथ  टेलीविजन देखने लगे.. सीरियल के नाम भी बदल गए थे !.. खाला हो तो ऐसी, आपकी आपा, बकरा किश्तों पे और नमाज पढ़ने के तरीके जैसे !..
 अब इन्हें ही देखना हमारी नियति बन चुकी थी !..

बच्चे कोचिंग से आ गए !.. खाना खाकर अजीब सी जिद करने लगे !..

पापा पापा बहुत दिन हो गए मन्दिर गए हुए !!..

अब नेपाल कब जाएंगे ??..

जी अब सबसे नजदीक में मन्दिर नेपाल में ही थे !!..
देश के मंदिर तो गोल गुम्बद बन चुके थे !..

हां हां जाएंगे बेटा जरूर जाएंगे मन्दिर। पर गर्मी की छुठियो में !!..
हमने कहा !!..
ये सुन बच्चे नाराज होकर चले गए !!..
बच्चों की ये हालत देखकर श्रीमतीजी की आंखों से आँसू बहने लगे !!..

हम दोनों 20 साल पहले के अतीत में खो गए .
किस तरह हम आज से 20 साल पहले कालेज की पार्किंग में 'स्वामी यति नरसिंहानंद जी' को गालिया दे रहे थे !!.. उन्हें बांटने वाला दंगाई आतंकी कहकर भला बुरा कह रहे थे !!..

फिर वो कालेज की कैंटीन , जहाँ चाय पी पीकर नरसिंहानंद को गाली दे रहे थे !!..
टेबल पर बैठे हम हमारे ही मुस्लिम दोस्तो से ज्यादा, नरसिंहानन्द के उपर हमारा खून का खौल रहा था ।
हम ऐसे गरियाते जैसे अपने मुस्लिम दोस्तो को खुद के सेक्युलर और लिबरल होने का प्रमाण पत्र दे रहे हो !!..
हमारे कुछ अन्य हिन्दू मित्रो ने हमे समझाया भी था !!.. पर उस समय हमारे ऊपर खुली सोच, मॉर्डनाइजेशन और लिब्रिज्म का नशा छाया हुआ था !!.. ( हमे खुलकर जीना था लेकिन सच्चाई कुछ ऐसी थी हम खुद को सेकुलर बनाते बनाते इस्लाम की शरीयत कानून के गुलाम हो गए और अब तो हममें से कोई कुछ बोलना चाहता है तो उसका गला काटकर सजा दी जाती है )
किस तरह हमने उन हिन्दू मित्रो को पूरे कालेज के सामने अपमानित किया था कि तू सम्प्रदायिक है ब्लडी ओल्ड माइंड हिन्दुज !!..
 साम्प्रदायिक कहकर उन्हें बदनाम किया । हमेशा उनसे घ्रणा की !!..

ये सब सोचते सोचते अचानक हमारे मुँह से निकल पड़ा !..

श्रीमती जी काश उस समय कालेज में हमें सेक्युरिज्म का कीड़ा ना काटा होता और आप लिब्रिज्म की चादर ओढ़े ना बैठी होती !!..
तो आज ये दिन ना देखने पड़ते !..
आज हमारे बच्चों की इस हालत के जिम्मेदार कोई और नही, सिर्फ हम है !..
अगर स्वामी नरसिंहानन्द जी का साथ दिया होता तो हिन्दुत्व मरा ना होता और हम खुलकर अपनी जिंदगी जी सकते थे !!..
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दोस्तो ये तो सिर्फ एक कल्पना थी ..हक़ीक़त भी बन सकती है.. अतः ये हक़ीक़त ना बने हम सबको स्वामी जी यति नरसिंहानन्द  सरस्वती जी का साथ देना होगा..
छद्म सेक्युरिज्म और ढोंगी लिब्रिज्म से बाहर आना होगा !!.. जनसँख्या नियंत्रण क़ानून पर खुलकर समर्थन करना ही होगा यह सम्प्रदायिक नही देश, प्रकृति व बच्चो का भविष्य बचाने के लिए है ,
वरना आने वाली पीढ़ियां हमे कभी माफ नही करेंगी !!

( हो सके तो हर हिन्दू यह शेयर करता जाए और सोचकर देखे क्या होने वाला है हमारे बच्चों का भविष्य ??
जब हमारी बेटियो का जबरन जानवरो की तरह बलात्कार होगा और बेटों खतना होगा )

अज्ञात...
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Wednesday, 29 August 2018

क्या BJP का अपने ही संगठन पर कोई लगाम नही या ये सरकार कुछ सम्प्रदायिक तत्वों को बढ़ावा दे रही है ???

क्या BJP का अपने ही संगठन पर कोई लगाम नही या ये सरकार कुछ सम्प्रदायिक तत्वों को बढ़ावा दे रही है ???
जी हाँ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महासचिव मंसूर खान , मयूर खान , मो शाहरुख ने घर मे घुसकर बलात्कार और बवाल किया

हिन्दुस्तान खबर
27 अगस्त 2018

देहरादून । देहरादून की विकास नगर कोतवाली पुलिस ने एक व्यक्ति की तहरीर पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महासचिव समेत पांच लोगों के खिलाफ दुराचार, बलवा, मारपीट, शांतिभंग और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है ।
सभी आरोपी ढकरानी निवासी हैँ ।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले कीं जांच शुरू कर दी है । मीडिया रिपोर्टस के अनुसार क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि एक माह पूर्व जब वह घर पर नहीं था तो भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महासचिव मंसूर खान पुत्र जमील, मयूर पुत्र बुरहान ओर शाहरुख पुत्र निसार निवासी तीनों ढकरानी रात 10 बजे उसके घर में घुस गए ।
उन्होंने चाकू से उसे डराकर उसकी पत्नी से दुराचार किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी ।

Team - NarsinghVani

हिन्दू की नाबालिक लड़की के बलात्कारी फैजान , साहिल की अम्मी साजदा भी बलात्कार में शामिल

*क्या मुस्लिम औरते अपने बेटो को बलात्कारी बनाती है...???*

जी हाँ इस केस में आपको देखने को मिल सकता है कि फैजान और साहिल के साथ उसकी अम्मी साजदा भी किस प्रकार बलात्कार का हिस्सा बनी ...

अमर उजाला
27 अगस्त 2018

12वीं की छात्रा से दरिंदगी, रिपोर्ट दर्ज फोटो खींचकर वायरल करने की धमकी देने का आरोप
घटना के छह दिन बाद दी तहरीर, मां-बेटे समेत तीन पर रिपोर्ट दर्ज

अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। घर से कॉलेज जाने के लिए निकली इंटरमीडिएट की छात्रा को कॉलोनी का एक युवक बहला फुसलाकर मोहल्ला मदीनाशाह के एक मकान में ले गया। यहां अपने एक अन्य साथी की मदद से डरा धमकाकर दुष्कर्म किया। इस दौरान उसके अश्लील फोटो खींच लिए। आरोप है कि शिकायत करने पर खींचे गए फोटो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर भगा दिया। एक आरोपी की मां पर भी धमकाने का आरोप लगाया गया है। घटना के छह दिन बाद छात्रा की मां से मिली तहरीर पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, धमकाने और दुष्कर्म की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है ।

शहर की एक सरकारी कालोनी की निवासी महिला ने पुलिस को दी हुई तहरीर में बताया कि उसकी सोलह वर्षीय पुत्री इंटरमीडिएट की छात्रा है । कालोनी में रहने वाला फैजान उसको काफी समय से परेशान करता है । कालेज जाते वक्त रास्ते में रोक लिया वह उससे पहले भी कई बार छेड़छाड़ कर चुका है ।
20 अगस्त की सुबह छात्रा घर से कालेज जाने के लिए निकली थी ।
आरोप है कि #फैजान ने अपने साथी उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) के खटीमा निवासी #साहिल के साथ छात्रा को रास्ते में रोक लिया । इसके बाद बहला फुसलाकर दोनों छात्रा को मोहल्ला मदीनाशाह के एक मकान में ले गए । जहां साहिल मकान के बाहर खडा रहा और कमरे में ले जाकर फैजान ने छात्रा को डराकर दुष्कर्म किया । आरोपी ने छात्रा के कुछ अस्लील फोटो भी खींच लिए ।

शिकायत करने पर खींचे गए फोटो को इंटरनेट पर वायरल कर बदनाम करने की धमकी दे डाली । इस बीच आरोपी फैजान की अम्मी #साजदा बेगम वहां पहुंच गई । छात्रा ने उसको अपना दुखड़ा सुनाया तो आरोप है कि साजदा ने भी उसको बदनाम करने की धमकी देकर भगा दिया । आरोपियों की धमकी से डरकर छात्रा ने ये बात घर जाकर किसी  को नहीं बताई ।
छात्रा को कईं दिनों से परेशान देखने पर परिजनों ने पूछताछ की, जिसके बाद रविवार को छात्रा ने अपने साथ हुईं दरिंदगी को बताया ।
जिसके बाद मां ने तीनों आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कोतवाली पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की । कोतवाल केपी सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी फैजान, उसकी मां साजदा व साहिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है । छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराकर कोर्ट में बयान कराए जाएंगे ।

Team - NarsinghVani

*तांत्रिक #हबीब_अली_खान के बारे में पूरा न्यूज़ मीडिया / सोशल मीडिया मौन क्यों है ???*

बीमारी के बहाने लडकियों के कपडे उतरवाने वाला तांत्रिक गिरफ्तार, ऐसे करता था इलाज
हैदराबाद , साक्षी समाचार /  29 अग" 2018

हैदराबाद : तंत्र मंत्र के जरिए बीमारी कम करने के नाम पर एक छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप में नार्सिंगी पुलिस ने एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है । पुलिस के मुताबिक नार्सिंगी क्षेत्र कीं रहने वाली छात्रा (1 6) दसवीं कक्षा में पढती है । पिछले एक सप्ताह से हाथ और पैर में झुनझुनी आने से बीमार चल रही थी ।

स्थानीय डॉक्टरों के पास इलाज कराने के बाद भी उसका स्वास्थ्य नहीँ सुधरा । इस पर छात्रा की मां ने उसे नगर के अस्पताल ले जाने का फैसला किया ।

इसी के तहत दोनों एक आटो से नगर के लिए निकल गए । रास्ते में बातों बातों में आटो चालक ने उनसे अस्पताल जाने की वजह पूछी, तो महिला ने पिछले एक सप्ताह से उसकी बेटी के हाथ पैर में झुनझुनी आने के बाद बीमार चलने की बात कही ।

इस पर आँटी चालक ने बताया कि हैदरशा कोट क्षेत्र में तांत्रिक हबीब अलीखान (48) इस बीमारी का इलाज करता है ।
ऑटो चालक की बातों में आकर छात्रा की मां उसे तांत्रिक के यहां ले जाने को तैयार हो गई । इसपर आटो चालक दोनों को तांत्रिक के घर के पास छोडकर चला गया ।
तांत्रिक छात्रा की जांच करने के बाद उनसे लगातार तीन दिन आने के लिए कहा । तीन दिन के बाद भी बेटी का स्वास्थ्य नहीं सुधरा तो महिला ने तांत्रिक से कम नहीं होने की वज़ह पूछी । जवाब में तांत्रिक ने यह कहकर छात्रा की मां को कमरे से बाहर भेज दिया कि अब लड़की के पूरे शरीर के लिए मंत्र डालने होंगे ।
छात्रा की मां के कमरे से बाहर जाते ही तांत्रिक ने उसके कपडे उतारे और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया । इससे भयभीत छात्रा ने घर वापसी के दौरान मां को तांत्रिक की करतूत के बारे में बताया । फिर से तांत्रिक के पास जाने पर बेइज्जती होने के डर से मां ओर बेटी शांत रह गईं ।
दो दिन तक महिला ओर छात्रा के तांत्रिक के पास नहीं जाने पर तांत्रिक ने सोमवार सुबह फोन कर महिला को बेटी को साथ लेकर आने के लिए कहा, लेकिन महिला ने साफ इनकार कर दिया । इसपर तांत्रिक ने महिला को डराया धमकाया ।
इससे महिला ने सोमवार की रात नार्सिंगी थाने में तांत्रिक के खिलाफ शिकायत की । पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ ही मंगलवार को तांत्रिक को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया ।

Team - NarsinghVani