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Saturday, 11 May 2019

माँ बगलामुखी जयंती की लाख लाख शुभकामनाये

                     हर हर महादेव


                 नरसिंह उवाच 
आज विजय और सद्बुद्धि की देवी माँ बगलामुखी की जयंती है।माँ बगलामुखी की जयंती प्रत्येक वर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है।माँ बगलामुखी योद्धाओं की माँ हैं।आज तक सनातन धर्म में जितने भी महान योद्धा हुए हैं वो माँ महाकाली या माँ बगलामुखी के ही उपासक रहे हैं।वस्तुतः माँ महाकाली और माँ बगलामुखी एक ही शक्ति के दो स्वरूप हैं।माँ के अन्य अनेक स्वरूप भी हैं।परन्तु अपने शत्रुओं पर विजय की इच्छा रखने वाले कर्मशील धर्मप्रेमी गण सदैव माँ महाकाली या माँ बगलामुखी की शरण लेते हैं और माँ की कृपा से शत्रुओं का विनाश करते हैं।माँ बगलामुखी की पूजा उपासना करने वाले को कभी भी शक्ति,वैभव,धन,यश और संतान की कमी नहीँ होती और माँ बगलामुखी का भक्त कभी भी श्रीविहीन नही हो सकता।माँ बगलामुखी को माँ पीताम्बरा भी कहते हैं।मानव रूप में इस पृथ्वी पर भगवान परशुराम ने सर्वप्रथम माँ पीताम्बरा बगलामुखी की पूजा और वो माँ और महादेव की कृपा से अजेय और चिरंजीवी बने।उन्होंने ही अपने शिष्यों के माध्यम से माँ बगलामुखी को विश्व में पूजित करवाया और उन्होंने ही रावण वध के लिये भगवान श्रीराम को माँ पीताम्बरा बगलामुखी की शरण में जाने का परामर्श दिया और विधि समझाई।जब तक सनातन धर्मी माँ और महादेव की पूजा करते रहे, और अन्धविश्वास को अपना कर नए नए देवी देवता गढ़ लिये और माँ और महादेव की उपेक्षा कर दी तो माँ और महादेव ने भी उन्हें त्याग दिया और संपूवो विश्व में अजेय और सर्वशक्तिमान बने रहे और जब उन्होंने पाखण्ड र्ण सनातन धर्म दुर्गति को प्राप्त हो गया। पर अभी बहुत देर नहीँ हुई है।माँ और महादेव हमारे माता पिता हैं।जिस दिन हम अपनी गलतियों को स्वीकार करके उनकी शरण के चले जॉएगे,उसी दिन से हम फिर अजेय हो जाएंगे।
अतः एक सन्यासी होने के नाते से मैं यति नरसिंहानन्द सरस्वती आप सभी से अनुरोध करता हूँ की आइये हम सब मिलकर सनातन धर्म की ओर लौट चले।
आइये हम सब मिलकर अपने माँ और महादेव की शरण में चलें।
माँ हम सबको सद्बुद्धि और पुरुषार्थ दें और महादेव हमारे वंश की रक्षा करें।
आप सभी को माँ बगलामुखी जयंती की लाख लाख शुभकामनाये ।

- यति नरसिंहानन्द सरस्वती,
      12 मई 2019

Tuesday, 4 December 2018

कुरान और इस्लामिक इतिहास के परिपेक्ष में शरीयत और शरिया कानून को समझने का समय - यति नरसिंहानन्द सरस्वती

                                            प्रेस विज्ञप्ति 

कुरान और इस्लामिक इतिहास के परिपेक्ष में शरीयत और शरिया कानून को समझने का समय - यति नरसिंहानन्द सरस्वती



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यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी ने सभी हिन्दू धर्मगुरुओ और मुस्लिम धर्मगुरूओ,मौलानाओ व विद्वानों को शिवशक्ति धाम डासना में दिया शास्त्रार्थ का निमंत्रण
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अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज सुप्रसिद्ध हिन्दू विचारक विनोद सर्वोदय,समाजसेवी डॉ आर के तोमर,बाबा प्रमेन्द्र आर्य,अक्षय त्यागी,अनिल यादव, प्रमोद कुमार बंसल,सतीश गर्ग,सतेंद्र त्यागी,अरुण त्यागी तथा अन्य साथियों के साथ एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया ।
प्रेस वार्ता में यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा की अब समय आ चुका है की पूरी दुनिया कुरान और इस्लामिक इतिहास के परिपेक्ष में शरीयत और शरिया कानून को समझने की कोशिश करें। बुलन्दशहर के दरियापुर में हुए तीन दिनी इज्तेमा ने आज बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है की भारत पर शरीयत और शरिया कानून के बस कुछ की कदम दूर है।
जिस तरह से भारत में केवल हिन्दुओ की वोटो से बनी पूर्ण बहुमत की हिंदूवादी सरकार और उनके मूल मार्गदर्शक संगठन आरएसएस ने इस्लामिक कट्टरपंथ के सामने घुटने टेक कर दयनीय समर्पण किया है,उससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब भारतवर्ष में कोई भी राजनैतिक दल इस्लामिक जिहाद से टक्कर नहीं लेगा। अब भारतवर्ष के हिन्दुओ सहित सभी काफिरो को जिसमे ईसाई, बौद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी,यहूदी सभी शामिल हैं, उन्हें बहुत गम्भीरता के साथ पूरी दुनिया के मुस्लिम देशों में हुए काफिरो के दर्दनाक अंत का अध्ययन करना चाहिये। ताकि वो भी उस खौफनाक समय के लिये खुद को तैयार कर सकें।

उन्होंने कहा की आज पूरी दुनिया मे इस्लामिक जिहाद के नाम पर जो भी कत्लोगारत हो रहा है उसके लिये मुसलमान बिल्कुल भी दोषी नहीं है क्योंकि वो केवल वही कर रहे हैं जो कुरान और इस्लाम ने उन्हें सिखाया है। यदि कोई मुस्लिम धर्मगुरु या मौलाना यह कहता है की ये खूनखराबा इस्लामिक नही है तो वो झूठ बोलता है क्योंकि वास्तव में इस्लाम ये ही है और इनका दर्शन भी यही कहता है। अगर वो मेरी बात से सहमत नहीं हैं तो मै उन्हें एक खुशनुमा और स्वस्थ बहस की चुनौती देता हूँ ।
इस्लाम के नाम पर हुए इस राक्षसी हिंसा के जिम्मेदार सनातन धर्म के धर्मगुरु हैं जिन्होंने कभी भी सनातन धर्म के मूल सिद्धांतो को दुनिया के सामने नही रखा।सनातन धर्म के धर्मगुरुओ की कायरता, अकर्मण्यता और धर्म के मौलिक सिद्धांतो से विश्वासघात के कारण इस्लामिक जिहाद पूरी दुनिया मे फैला है । हमारा धर्म कहता है की सन्यासी को लोभ,लालच,भय,अहंकार और मोह का परित्याग करके हर हालत में अपने धर्म की रक्षा करनी चाहिये।हमारे सनातन के सन्यासी सब कुछ कर रहे हैं, परंतु अपने धर्म के अनुयायियों को स्वाभिमान से जीना और धर्म के लिये मर मिटने के लिए सजग नही करते। राजनैतिक तंत्र आज यदि इतना हिन्दू विरोधी हुआ है तो इसका कारण भी केवल यही है की सनातन के धर्मगुरूओ ने अपनी गरिमा खो दी और राजनैतिक लोगो का गुरु बनने की जगह उनके शिष्य या यूँ कहिये की दलाल बन गए और सारे धर्म को बर्बाद कर दिया।

अगर कोई हिन्दू धर्मगुरु मुझसे सहमत नहीँ है तो मैं उसे शिवशक्ति धाम डासना में शास्त्रार्थ करने का निमंत्रण देता हूँ । यह शास्त्रार्थ सारे दुनिया में फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से प्रसारित किया जायेगा   
      

Monday, 3 December 2018

बीमारी,हताशा और पराजय के साथ अपने गुरु स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती जी महाराज के आदेश और राजसभा सांसद अनिल अग्रवाल के आश्वासन के साथ शिवशक्ति धाम,डासना में खत्म हुआ यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी का अनशन

🙏🏼🙏🏼🙏🏼 हर हर महादेव 🙏🏼🙏🏼🙏🏼

बीमारी,हताशा और पराजय के साथ अपने गुरु स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती जी महाराज के आदेश और राजसभा सांसद अनिल अग्रवाल के आश्वासन के साथ शिवशक्ति धाम,डासना में खत्म हुआ यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी का अनशन
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राज्यसभा सभा श्री अनिल अग्रवाल ने आज शिवशक्ति धाम डासना में आकर हजारो युवाओं की उपस्थिति में यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज को संसद में जनसँख्या नियंत्रण कानून की मांग को पुरजोर तरीके से उठाने की शपथ ली।उनके इस आश्वासन के बाद यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
अनशन समाप्त करते ही यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने हिंदुत्व और सार्वजनिक जीवन से सन्यास लेने की शपथ ली ।
उन्होंने अपना अनशन अपने साथियों के साथ दूधेश्वरनाथ मठ में महादेव शिव की अर्चना और उनका प्रसाद ग्रहण करके किया ।
उन्होंने इस अवसर पर बताया की अब हिन्दू के अस्तित्व को बचाना बहुत मुश्किल हो गया।कठोर जनसँख्या नियंत्रण कानून अब कभी नही बनेगा।यह केवल अब राम मंदिर की तरह चुनावी मुद्दा ही रहेगा।चुनाव की राजनीति जब तक एक एक हिन्दू को लील नहीँ लेती तब तक यह बन्द नहीँ होगी।
उनके अनशन समाप्त करते समय  यति माँ चेतनानन्द सरस्वती,बाबा परमेन्द्र आर्य,मोदीनगर विधायक डॉ मंजू सिवाच,हिन्दू विचारक विनोद सर्वोदय जी,अमित जानी,हरिनारायण सारस्वत,दिनेश अग्रवाल,राजेश यादव, अनिल यादव,अक्षय त्यागी,धीरज फौजी के साथ हजारो युवा उपस्थित थे।
                                                                                2 दिसम्बर 2018

Friday, 30 November 2018

यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज को कमजोर और अकेला समझने की गलती न करे मोदी सरकार - यति माँ चेतनानंद सरस्वती

                   प्रेस विज्ञप्ति
यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज को कमजोर और अकेला समझने की गलती न करे मोदी सरकार ~ यति माँ चेतनानंद सरस्वती

हम मोदी के घर उसकी माँ के सामने जाकर अनशन करेंगे-राजबाला तोमर
प्रेस विज्ञप्ति  -सौंपते हुए  ''यति माँ चेतनानन्द सरस्वती , राजबाला तोमर व अन्य

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शिवशक्ति धाम डासना में 30 दिन से कठोर जनसँख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज के समर्थन में आज जगदम्बा महाकाली डासना वाली के परिवार की महिलाओं ने गाज़ियाबाद जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के खिलाफ आक्रोश प्रदर्शित किया।महिलाओ ने अपने रक्त से पत्र लिखकर भी नरेंद्र मोदी को ज्ञापन के रूप में जिलाधिकारी द्वारा भेजा।
महिलाओ के रक्त से लिखे गए ज्ञापन में मोदी सरकार को प्रचण्ड नारी आंदोलन की चेतावनी दी गयी और उन्हें ये बताया गया की यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज को अकेला समझने की गलती न करे मोदी सरकार।आज यति नरसिंहानन्द सरस्वती कुछ देश द्रोही मुस्लिम परस्त नेताओ को छोड़कर बाकी 100 करोड़ हिन्दुओ की आवाज हैं।उनकी आवाज यदि नहीं सुनी गयी तो जगदम्बा महाकाली डासना वाली के परिवार की महिलाएँ गुजरात जाकर नरेंद्र मोदी के घर जाकर उनकी माँ के सामने अनशन करेंगी और उनसे अपने बच्चों की जान की भीख मांगेगी।
ज्ञापन देते समय शिवशक्ति धाम डासना की महंत यति माँ चेतनानन्द सरस्वती जी ने कहा की हिन्दू के लिये गूंगी बहरी  हो चुकी सरकार को जगाने के लिये जो कुछ भी करना पड़ेगा,हम वो सब करने को तैयार हैं।हम अपना दर्द मोदी जी की माँ को बतायेगे और उनसे कहेंगे की वो अपने बेटे से कहे की जिन सौ करोड़ हिन्दुओ ने उन्हें इतना मान, सम्मान और गौरव दिया हैं, उन्हें अपने वोट बैंक की राजनीति के लिये इस तरह धोखा न दे वरना इतिहास उन्हें कभी क्षमा नहीं करेगा।

चौधरी अंजली आर्या ने कहा  यति नरसिहानन्द सरस्वती जी की मांग देश हित में है सभी हिन्दू महिलाएं चीन की तरह भारत में भी कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून बनवाने के
पक्ष में है यदि शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर चर्चा नही हुई तो भारतीय जनता पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।जो सरकार जी एस टी,एस सी एस टी एक्ट, तीन तलाक पर मजबूत फैसले ले सकती है वो क्यों देश के भविष्य के लिये जनसँख्या नियंत्रण कानून नही बना रही है,ये हमारी समझ से परे है।

आज प्रदर्शन करने वालो में जयवंती देवी, ओमकारी , सरोज देवी, माया देवी, सुनिता , बबली , विमला , राजबाला कौशिक तथा अन्य महिलाये शामिल थी !
                                                                                                                            30 नवम्बर 2018....