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Thursday, 9 May 2019

"जीवित हिन्दुओ से एक प्रश्न"


                   हर हर महादेव 

               नरसिंह वाणी 

    "जीवित हिन्दुओ से एक प्रश्न"
मैं यति नरसिंहानन्द सरस्वती रोज सोशल मीडिया पर कभी केरल और कभी बंगाल और कभी दिल्ली में हिन्दुओ पर हो रहे अत्याचारों पर बड़ी बड़ी पोस्ट दिखाई देती हैं और ये अच्छी बात है।हमे आवाज उठानी ही चाहिये अपने भाई और बहनों के लिये।हममें से बहुत कम लोग केरल या पश्चिमी बंगाल जा पाते हैं परंतु फिर भी उनके लिये आवाज उठाते हैं, ये वास्तव में बहुत बड़ी बात है।
कल मैं उज्जैन में था । उज्जैन महाकाल मंदिर सनातन धर्म की अमूल्य धरोहर है।शायद ही कोई सनातन धर्मी हो जो महाकाल के दर्शन करने ना गया हो और जो अभी तक कर नहीँ पाया,वो भी जरूर करना चाहता है।कल 8 मई को मुझे भी महाकाल के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।मैं वहाँ जाकर एक तरह से पागल सा हो गया।पूरा महाकाल मंदिर मुस्लिम आबादी से घिर चूका है।पत्रकारों ने मुझे बताया की अब हर वर्ष वहाँ कांवड़ लाने वालो पर हमला किया जाता है। 15 साल वहाँ हिंदूवादियों की सरकार थी और अब वहाँ घोर मुस्लिम समर्थक सरकार है।किसी हिन्दू धर्मगुरु ने,किसी संत ने,किसी हिन्दू संगठन ने कहीँ कोई विरोध नहीँ किया। हिंदूवाद का अर्थ इस इस या उस पार्टी के हित में काम करना ही हो चूका है।हम अपने अस्तित्व को खोने के कगार पर आ चुके हैं क्योंकि हमें अपने बच्चों और अपने धर्म से नहीँ बल्कि नेताओ की दलाली से प्रेम है।अब परमात्मा हमारी रक्षा क्यों करेंगे?


Tuesday, 4 December 2018

कुरान और इस्लामिक इतिहास के परिपेक्ष में शरीयत और शरिया कानून को समझने का समय - यति नरसिंहानन्द सरस्वती

                                            प्रेस विज्ञप्ति 

कुरान और इस्लामिक इतिहास के परिपेक्ष में शरीयत और शरिया कानून को समझने का समय - यति नरसिंहानन्द सरस्वती



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यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी ने सभी हिन्दू धर्मगुरुओ और मुस्लिम धर्मगुरूओ,मौलानाओ व विद्वानों को शिवशक्ति धाम डासना में दिया शास्त्रार्थ का निमंत्रण
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अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज सुप्रसिद्ध हिन्दू विचारक विनोद सर्वोदय,समाजसेवी डॉ आर के तोमर,बाबा प्रमेन्द्र आर्य,अक्षय त्यागी,अनिल यादव, प्रमोद कुमार बंसल,सतीश गर्ग,सतेंद्र त्यागी,अरुण त्यागी तथा अन्य साथियों के साथ एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित किया ।
प्रेस वार्ता में यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा की अब समय आ चुका है की पूरी दुनिया कुरान और इस्लामिक इतिहास के परिपेक्ष में शरीयत और शरिया कानून को समझने की कोशिश करें। बुलन्दशहर के दरियापुर में हुए तीन दिनी इज्तेमा ने आज बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है की भारत पर शरीयत और शरिया कानून के बस कुछ की कदम दूर है।
जिस तरह से भारत में केवल हिन्दुओ की वोटो से बनी पूर्ण बहुमत की हिंदूवादी सरकार और उनके मूल मार्गदर्शक संगठन आरएसएस ने इस्लामिक कट्टरपंथ के सामने घुटने टेक कर दयनीय समर्पण किया है,उससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब भारतवर्ष में कोई भी राजनैतिक दल इस्लामिक जिहाद से टक्कर नहीं लेगा। अब भारतवर्ष के हिन्दुओ सहित सभी काफिरो को जिसमे ईसाई, बौद्ध, जैन, सिक्ख, पारसी,यहूदी सभी शामिल हैं, उन्हें बहुत गम्भीरता के साथ पूरी दुनिया के मुस्लिम देशों में हुए काफिरो के दर्दनाक अंत का अध्ययन करना चाहिये। ताकि वो भी उस खौफनाक समय के लिये खुद को तैयार कर सकें।

उन्होंने कहा की आज पूरी दुनिया मे इस्लामिक जिहाद के नाम पर जो भी कत्लोगारत हो रहा है उसके लिये मुसलमान बिल्कुल भी दोषी नहीं है क्योंकि वो केवल वही कर रहे हैं जो कुरान और इस्लाम ने उन्हें सिखाया है। यदि कोई मुस्लिम धर्मगुरु या मौलाना यह कहता है की ये खूनखराबा इस्लामिक नही है तो वो झूठ बोलता है क्योंकि वास्तव में इस्लाम ये ही है और इनका दर्शन भी यही कहता है। अगर वो मेरी बात से सहमत नहीं हैं तो मै उन्हें एक खुशनुमा और स्वस्थ बहस की चुनौती देता हूँ ।
इस्लाम के नाम पर हुए इस राक्षसी हिंसा के जिम्मेदार सनातन धर्म के धर्मगुरु हैं जिन्होंने कभी भी सनातन धर्म के मूल सिद्धांतो को दुनिया के सामने नही रखा।सनातन धर्म के धर्मगुरुओ की कायरता, अकर्मण्यता और धर्म के मौलिक सिद्धांतो से विश्वासघात के कारण इस्लामिक जिहाद पूरी दुनिया मे फैला है । हमारा धर्म कहता है की सन्यासी को लोभ,लालच,भय,अहंकार और मोह का परित्याग करके हर हालत में अपने धर्म की रक्षा करनी चाहिये।हमारे सनातन के सन्यासी सब कुछ कर रहे हैं, परंतु अपने धर्म के अनुयायियों को स्वाभिमान से जीना और धर्म के लिये मर मिटने के लिए सजग नही करते। राजनैतिक तंत्र आज यदि इतना हिन्दू विरोधी हुआ है तो इसका कारण भी केवल यही है की सनातन के धर्मगुरूओ ने अपनी गरिमा खो दी और राजनैतिक लोगो का गुरु बनने की जगह उनके शिष्य या यूँ कहिये की दलाल बन गए और सारे धर्म को बर्बाद कर दिया।

अगर कोई हिन्दू धर्मगुरु मुझसे सहमत नहीँ है तो मैं उसे शिवशक्ति धाम डासना में शास्त्रार्थ करने का निमंत्रण देता हूँ । यह शास्त्रार्थ सारे दुनिया में फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से प्रसारित किया जायेगा   
      

Monday, 3 December 2018

बीमारी,हताशा और पराजय के साथ अपने गुरु स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती जी महाराज के आदेश और राजसभा सांसद अनिल अग्रवाल के आश्वासन के साथ शिवशक्ति धाम,डासना में खत्म हुआ यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी का अनशन

🙏🏼🙏🏼🙏🏼 हर हर महादेव 🙏🏼🙏🏼🙏🏼

बीमारी,हताशा और पराजय के साथ अपने गुरु स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती जी महाराज के आदेश और राजसभा सांसद अनिल अग्रवाल के आश्वासन के साथ शिवशक्ति धाम,डासना में खत्म हुआ यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी का अनशन
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राज्यसभा सभा श्री अनिल अग्रवाल ने आज शिवशक्ति धाम डासना में आकर हजारो युवाओं की उपस्थिति में यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज को संसद में जनसँख्या नियंत्रण कानून की मांग को पुरजोर तरीके से उठाने की शपथ ली।उनके इस आश्वासन के बाद यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
अनशन समाप्त करते ही यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज ने हिंदुत्व और सार्वजनिक जीवन से सन्यास लेने की शपथ ली ।
उन्होंने अपना अनशन अपने साथियों के साथ दूधेश्वरनाथ मठ में महादेव शिव की अर्चना और उनका प्रसाद ग्रहण करके किया ।
उन्होंने इस अवसर पर बताया की अब हिन्दू के अस्तित्व को बचाना बहुत मुश्किल हो गया।कठोर जनसँख्या नियंत्रण कानून अब कभी नही बनेगा।यह केवल अब राम मंदिर की तरह चुनावी मुद्दा ही रहेगा।चुनाव की राजनीति जब तक एक एक हिन्दू को लील नहीँ लेती तब तक यह बन्द नहीँ होगी।
उनके अनशन समाप्त करते समय  यति माँ चेतनानन्द सरस्वती,बाबा परमेन्द्र आर्य,मोदीनगर विधायक डॉ मंजू सिवाच,हिन्दू विचारक विनोद सर्वोदय जी,अमित जानी,हरिनारायण सारस्वत,दिनेश अग्रवाल,राजेश यादव, अनिल यादव,अक्षय त्यागी,धीरज फौजी के साथ हजारो युवा उपस्थित थे।
                                                                                2 दिसम्बर 2018

Friday, 30 November 2018

यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज को कमजोर और अकेला समझने की गलती न करे मोदी सरकार - यति माँ चेतनानंद सरस्वती

                   प्रेस विज्ञप्ति
यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज को कमजोर और अकेला समझने की गलती न करे मोदी सरकार ~ यति माँ चेतनानंद सरस्वती

हम मोदी के घर उसकी माँ के सामने जाकर अनशन करेंगे-राजबाला तोमर
प्रेस विज्ञप्ति  -सौंपते हुए  ''यति माँ चेतनानन्द सरस्वती , राजबाला तोमर व अन्य

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शिवशक्ति धाम डासना में 30 दिन से कठोर जनसँख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज के समर्थन में आज जगदम्बा महाकाली डासना वाली के परिवार की महिलाओं ने गाज़ियाबाद जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के खिलाफ आक्रोश प्रदर्शित किया।महिलाओ ने अपने रक्त से पत्र लिखकर भी नरेंद्र मोदी को ज्ञापन के रूप में जिलाधिकारी द्वारा भेजा।
महिलाओ के रक्त से लिखे गए ज्ञापन में मोदी सरकार को प्रचण्ड नारी आंदोलन की चेतावनी दी गयी और उन्हें ये बताया गया की यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज को अकेला समझने की गलती न करे मोदी सरकार।आज यति नरसिंहानन्द सरस्वती कुछ देश द्रोही मुस्लिम परस्त नेताओ को छोड़कर बाकी 100 करोड़ हिन्दुओ की आवाज हैं।उनकी आवाज यदि नहीं सुनी गयी तो जगदम्बा महाकाली डासना वाली के परिवार की महिलाएँ गुजरात जाकर नरेंद्र मोदी के घर जाकर उनकी माँ के सामने अनशन करेंगी और उनसे अपने बच्चों की जान की भीख मांगेगी।
ज्ञापन देते समय शिवशक्ति धाम डासना की महंत यति माँ चेतनानन्द सरस्वती जी ने कहा की हिन्दू के लिये गूंगी बहरी  हो चुकी सरकार को जगाने के लिये जो कुछ भी करना पड़ेगा,हम वो सब करने को तैयार हैं।हम अपना दर्द मोदी जी की माँ को बतायेगे और उनसे कहेंगे की वो अपने बेटे से कहे की जिन सौ करोड़ हिन्दुओ ने उन्हें इतना मान, सम्मान और गौरव दिया हैं, उन्हें अपने वोट बैंक की राजनीति के लिये इस तरह धोखा न दे वरना इतिहास उन्हें कभी क्षमा नहीं करेगा।

चौधरी अंजली आर्या ने कहा  यति नरसिहानन्द सरस्वती जी की मांग देश हित में है सभी हिन्दू महिलाएं चीन की तरह भारत में भी कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून बनवाने के
पक्ष में है यदि शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर चर्चा नही हुई तो भारतीय जनता पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।जो सरकार जी एस टी,एस सी एस टी एक्ट, तीन तलाक पर मजबूत फैसले ले सकती है वो क्यों देश के भविष्य के लिये जनसँख्या नियंत्रण कानून नही बना रही है,ये हमारी समझ से परे है।

आज प्रदर्शन करने वालो में जयवंती देवी, ओमकारी , सरोज देवी, माया देवी, सुनिता , बबली , विमला , राजबाला कौशिक तथा अन्य महिलाये शामिल थी !
                                                                                                                            30 नवम्बर 2018....

Tuesday, 20 November 2018

20 साल बाद का भारत

20 साल बाद का भारत...

( जनसँख्या नियंत्रण कानून क्यों जरूरी है ?? )

रोज की तरह आज भी लगभग सुबह पौने पाँच बजे, तेज शोर से अचानक नींद खुल गई!!.. अजान हो रही थी !!..

अब मस्जिदे बहुत ज्यादा दूरी पर नही रह गई थी। हर मोहल्ले में मिलने वाले पार्क अब मस्जिदों का रूप ले चुके है !!.. अजान ही अब अलार्म बन चुकी थी !!..

हमने नित्य कर्म किया और सुबह की सैर को चल पड़े !!..

 अब सड़के 20 साल पहले वाली सड़के नही रह गई थी, स्वच्छ !.. अब सड़को पर जगह जगह अंडों के छिलके पड़े रहना आम बात थी !.. छिलकों से बचते हुए सड़क पार करने में ही, योगा हो जाया करता था !!..
 योग सिर्फ कहावतों और कहानी किस्सों में बचा था !.. संविधान में नए कानून के तहत योग को 'हराम' घोषित किया जा चुका था !..
 योग अब बैन था !!..

हम घर पहुंचे !. बच्चे स्कूल जाने को तैयार हो चुके थे !..
 कुर्ता पजामा और जालीदार टोपी !..
अब स्कूलों की यही यूनिफॉर्म थी !!.. हम बच्चों को कुर्ता पजामा और टोपी पहनाकर स्कूल छोड़ने चले गए !!..

वापिस आये तो श्रीमती जी ने कहा, जाइये सब्जी ले आइये !..
अब सब्जियों के मार्केट काफी कम हो गए थे !..
जहां तहाँ, सिर्फ मछली,मटन,अंडों की दुकानें। बीच मे एक दो सब्जी के ठेले !!..

अब एक ही ठेले पे मछली, अंडे, सब्जी सब साथ होती थी !.
एक ही तराजू पे मछली भी तुलती थी, और सब्जी भी !!.. मन पक्का कर हम ले आये सब्जी !!..
श्रीमती जी ने खाना बनाया और हम खाकर, दफ्तर की और चल दिये !!..

अब दफ्तर वो 20 साल पहले वाले दफ्तर नही थे !!.. जब दफ्तर की शुरुआत में राष्ट्रगान होता था और समापन पर राष्ट्रीय गीत !!..
दफ्तर की शुरुआत अजान से हुई !!..
हमने अजान पढ़ी और काम मे लग गए !.. दफ्तर का समय खत्म हुआ !.. नियमानुसार नमाज हुई !...
हमने नमाज पढ़ी और घर आ गए !!..

तब तक बच्चे भी स्कूल से आ चुके थे !.. कोचिंग क्लासेस जाने की तैयारी कर रहे थे !!.. उर्दू स्पोकन क्लासेस !!..
जी अब सारे मार्केट की दुकानों के नाम और सूचना पट उर्दू में ही लिखे जाते थे !!..
 उर्दू सीखना अब जरूरी भी था और मजबूरी भी !!..

  बच्चे कोचिंग चले गए !.. हम श्रीमती जी के साथ  टेलीविजन देखने लगे.. सीरियल के नाम भी बदल गए थे !.. खाला हो तो ऐसी, आपकी आपा, बकरा किश्तों पे और नमाज पढ़ने के तरीके जैसे !..
 अब इन्हें ही देखना हमारी नियति बन चुकी थी !..

बच्चे कोचिंग से आ गए !.. खाना खाकर अजीब सी जिद करने लगे !..

पापा पापा बहुत दिन हो गए मन्दिर गए हुए !!..

अब नेपाल कब जाएंगे ??..

जी अब सबसे नजदीक में मन्दिर नेपाल में ही थे !!..
देश के मंदिर तो गोल गुम्बद बन चुके थे !..

हां हां जाएंगे बेटा जरूर जाएंगे मन्दिर। पर गर्मी की छुठियो में !!..
हमने कहा !!..
ये सुन बच्चे नाराज होकर चले गए !!..
बच्चों की ये हालत देखकर श्रीमतीजी की आंखों से आँसू बहने लगे !!..

हम दोनों 20 साल पहले के अतीत में खो गए .
किस तरह हम आज से 20 साल पहले कालेज की पार्किंग में 'स्वामी यति नरसिंहानंद जी' को गालिया दे रहे थे !!.. उन्हें बांटने वाला दंगाई आतंकी कहकर भला बुरा कह रहे थे !!..

फिर वो कालेज की कैंटीन , जहाँ चाय पी पीकर नरसिंहानंद को गाली दे रहे थे !!..
टेबल पर बैठे हम हमारे ही मुस्लिम दोस्तो से ज्यादा, नरसिंहानन्द के उपर हमारा खून का खौल रहा था ।
हम ऐसे गरियाते जैसे अपने मुस्लिम दोस्तो को खुद के सेक्युलर और लिबरल होने का प्रमाण पत्र दे रहे हो !!..
हमारे कुछ अन्य हिन्दू मित्रो ने हमे समझाया भी था !!.. पर उस समय हमारे ऊपर खुली सोच, मॉर्डनाइजेशन और लिब्रिज्म का नशा छाया हुआ था !!.. ( हमे खुलकर जीना था लेकिन सच्चाई कुछ ऐसी थी हम खुद को सेकुलर बनाते बनाते इस्लाम की शरीयत कानून के गुलाम हो गए और अब तो हममें से कोई कुछ बोलना चाहता है तो उसका गला काटकर सजा दी जाती है )
किस तरह हमने उन हिन्दू मित्रो को पूरे कालेज के सामने अपमानित किया था कि तू सम्प्रदायिक है ब्लडी ओल्ड माइंड हिन्दुज !!..
 साम्प्रदायिक कहकर उन्हें बदनाम किया । हमेशा उनसे घ्रणा की !!..

ये सब सोचते सोचते अचानक हमारे मुँह से निकल पड़ा !..

श्रीमती जी काश उस समय कालेज में हमें सेक्युरिज्म का कीड़ा ना काटा होता और आप लिब्रिज्म की चादर ओढ़े ना बैठी होती !!..
तो आज ये दिन ना देखने पड़ते !..
आज हमारे बच्चों की इस हालत के जिम्मेदार कोई और नही, सिर्फ हम है !..
अगर स्वामी नरसिंहानन्द जी का साथ दिया होता तो हिन्दुत्व मरा ना होता और हम खुलकर अपनी जिंदगी जी सकते थे !!..
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दोस्तो ये तो सिर्फ एक कल्पना थी ..हक़ीक़त भी बन सकती है.. अतः ये हक़ीक़त ना बने हम सबको स्वामी जी यति नरसिंहानन्द  सरस्वती जी का साथ देना होगा..
छद्म सेक्युरिज्म और ढोंगी लिब्रिज्म से बाहर आना होगा !!.. जनसँख्या नियंत्रण क़ानून पर खुलकर समर्थन करना ही होगा यह सम्प्रदायिक नही देश, प्रकृति व बच्चो का भविष्य बचाने के लिए है ,
वरना आने वाली पीढ़ियां हमे कभी माफ नही करेंगी !!

( हो सके तो हर हिन्दू यह शेयर करता जाए और सोचकर देखे क्या होने वाला है हमारे बच्चों का भविष्य ??
जब हमारी बेटियो का जबरन जानवरो की तरह बलात्कार होगा और बेटों खतना होगा )

अज्ञात...
Email - narsinghwani@gmail.com
Email - tanuragrai@gmail.com

Sunday, 18 November 2018

Deadly hunger strike of Yati Narsinghanand Saraswati For population Control Law

High ranking sadhus from Uttar Pradesh have demanded a common population control law. They were pretty upset that while Hindus were urged to control the population by having 2 kids, Muslims weren't.
He announced a movement to pressure the government to pass a law limiting both Hindus and Muslims to a common maximum limit.
Yati Narsinghanand Saraswati ji is on hunger strike till 1 November 2018, It took 19 days without eating them today But the dirty and selfish leaders of Indian politics are deliberately ignoring the problem of this growing population. Once again a Hindu monk is going to give his life for his country,
And Indian politics and constitution is destined to destroy India, Hindu masses have forgotten their existence by trapping in this dirty politics, The Hindu people do not understand that if India does not have population control law, then their existence will be eliminated from this country.
This is the black face of Indian politics and politician...

Anurag Rai....
Emai - tanuragrai@gmail.com
Contact N. +91 8853348304